भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तारीखन में संशोधन कइल गइल
मतदाता सूची में दावा आ आपत्ति 6 मार्च, 2026 तक लिहल जाई
नोटिस के सुनवाई आ दावा-आपत्ति के निस्तारण 27 मार्च, 2026 तक होई
उत्तर प्रदेश के मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 के होई
लखनऊ, 06 फरवरी 2026
News Source- https://x.com/ceoup/status/2019792901220466689?s=46
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहल विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के घोषित तारीखन में संशोधन करत नया तारीख जारी कर दिहल गइल बा।
उत्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर, 2025 से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण शुरू कइल गइल रहे। सबसे पहिले 4 नवंबर, 2025 से गणना चरण शुरू भइल आ 6 जनवरी, 2026 के आलेख्य मतदाता सूची प्रकाशित भइल। 6 जनवरी, 2026 से 6 फरवरी, 2026 तक दावा आ आपत्ति जमा करे खातिर एक महीना के समय राखल गइल रहे, जवना में मतदाता जरूरत अनुसार फॉर्म 6, 7 अथवा 8 भर के जमा कर सकेलें।
27 अक्टूबर, 2025 से 6 जनवरी, 2026 तक प्रदेश में लगभग 16 लाख 18 हजार से अधिक फॉर्म 6 आ 49 हजार 399 फॉर्म 7 प्राप्त भइल रहे। वहीं 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़े खातिर लगभग 37 लाख 80 हजार फॉर्म 6 प्राप्त भइल बा आ मतदाता सूची से नाम हटावे खातिर 82 हजार 684 फॉर्म 7 प्राप्त भइल बा। ओवरसीज इलेक्टर्स खातिर 1073 आवेदन प्राप्त भइल बा। 5 फरवरी, 2026 के एके दिन में 3 लाख 51 हजार 745 फॉर्म 6 प्राप्त भइल, जवन एक दिन में प्राप्त फॉर्म 6 के सबसे अधिक संख्या बा। फॉर्म 6 प्राप्त होखे के रफ्तार अबहियो बढ़त बा आ बड़ी संख्या में ओह पात्र नागरिकन द्वारा, जवन आलेख्य मतदाता सूची में शामिल ना हो पवले रहलें, फॉर्म 6 भर के जमा कइल जा रहल बा।
27 जनवरी, 2026 के राष्ट्रीय आ राज्यीय राजनीतिक दलन के प्रतिनिधियन के साथ भइल बैठक में सभ प्रतिनिधियन द्वारा दावा-आपत्ति आ नोटिस सुनवाई अवधि बढ़ावे के अनुरोध कइल गइल रहे, जवना के क्रम में भारत निर्वाचन आयोग से उक्त गतिविधियन खातिर समय बढ़ावे के अनुरोध कइल गइल।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दावा आ आपत्ति जमा करे के अंतिम तिथि, जवन पहिले 6 फरवरी, 2026 रहे, ओकरा के बढ़ा के 6 मार्च, 2026 कर दिहल गइल बा। एही तरह नोटिस जारी करे आ सुनवाई पूरा करे के अंतिम तिथि, जवन पहिले 27 फरवरी, 2026 रहे, ओकरा के बढ़ा के 27 मार्च, 2026 कर दिहल गइल बा। अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल, 2026 के प्रकाशित कइल जाई।
आलेख्य मतदाता सूची में नाम शामिल होखे के बावजूद 1 करोड़ 4 लाख अइसन मतदाता रहलें, जिनकर वर्ष 2003 के अंतिम मतदाता सूची से मैपिंग ना भइल रहे। एहसे अलावा 2 करोड़ 22 लाख अइसन मतदाता रहलें, जिनकर मैपिंग में तार्किक विसंगति रहे। कुल मिला के 3 करोड़ 26 लाख मतदातन के नोटिस भेजल जाए के रहे। अबले कुल 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जारी कइल जा चुकल बा, जवना में से 86 लाख 27 हजार नोटिस बीएलओ द्वारा मतदातन तक पहुँचा दिहल गइल बा। अबले 30 लाख 30 हजार मतदातन के सुनवाई भी कइल जा चुकल बा।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के शुरुआत में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) आ 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त रहलें। लेकिन अब 6948 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नियुक्ति के साथ कुल 8990 एईआरओ आ 403 ईआरओ सहित कुल 9393 अधिकारी मतदातन के नोटिस जारी करके सुनवाई करत बाड़ें। नोटिस प्रक्रिया के सुनवाई के अधिक सुगम आ तेज बनावे खातिर जल्दिये अउरी अधिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त कइल जाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी फॉर्म 7 के बारे में बतवले कि ई कवनो व्यक्ति के नाम हटावे या कवनो दावा पर आपत्ति करे खातिर भरल जाला। आपत्ति करे वाला के फॉर्म 7 भरत समय आपन नाम, वोटर आईडी कार्ड नंबर, जवना व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति कइल जा रहल बा ओकर नाम आ आपत्ति के कारण बतावे के होई। फॉर्म 7 के बड़ी संख्या में (बल्क में) स्वीकार ना कइल जाला। राजनीतिक दलन के बूथ लेवल एजेंट एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म 7 जमा कर सकेलें, साथे ऊ लोग के अंडरटेकिंग भी देवे के होई। फॉर्म 7 प्राप्त होखे पर ईआरओ द्वारा आपत्ति करे वाला आ जवना व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति भइल बा, दुनो के नोटिस भेजल जाला। नोटिस मिले के बाद सुनवाई होला, जवना में साक्ष्य पेश कइल जाला, आ ओकरा बाद ईआरओ द्वारा नियम अनुसार निर्णय लिहल जाला। कवनो पात्र मतदाता के नाम पूरा जांच बिना ना काटल जाई। आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक बूथ लेवल एजेंटन के माध्यम से कुल 37 हजार 789 फॉर्म 6 आ 1567 फॉर्म 7 प्राप्त भइल बा।
सभ मतदाता आलेख्य मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग आ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के वेबसाइट पर देख सकेलें। सभ राजनीतिक दलन के बूथ लेवल एजेंटन के भी ई सूची उपलब्ध करावल गइल बा। मतदातन के सुविधा खातिर सभ मतदान केन्द्रन पर मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित करे के निर्देश दिहल गइल बा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) हर कार्य दिवस पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे मध्याह्न तक मतदान केन्द्र पर उपलब्ध रहिहें। बीएलओ के पास पिछला एसआईआर (वर्ष 2003) के अंतिम मतदाता सूची, दिनांक 6 जनवरी, 2026 के प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची, साथे अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृत, दोहरी प्रविष्टि आ गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर ना करे वाला मतदातन (एएसडीडीआर) के सूची भी उपलब्ध रही। एहसे अलावा हर बीएलओ के पास 50-50 के संख्या में फॉर्म 6, 7 आ 8 आ घोषणा पत्र के प्रति उपलब्ध रहे के सुनिश्चित करे के निर्देश दिहल गइल बा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पात्र नागरिकन से अनुरोध कइले बाड़ें कि ऊ अबहियो आपन नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेलें, खास करके महिला आ युवा। फॉर्म 6 भरत समय कुछ जरूरी सावधानी बरते के सलाह दिहल गइल बा, जइसे नाम के स्पेलिंग (हिंदी आ अंग्रेजी दुनो में) सही होखे के चाहीं, आधार कार्ड से मेल खाए के चाहीं, पता साफ आ पूरा होखे के चाहीं आ मोबाइल नंबर जरूर देवे के चाहीं, ताकि मतदाता पहचान पत्र आसानी से डाउनलोड कइल जा सके।
Hindi Press Release as per CEO Uttar Pradesh
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की तिथियां संशोधित की गई
मतदाता सूची में दावे एवं आपत्तियां 6 मार्च, 2026 तक ली जाएंगी
नोटिस की सुनवाई तथा दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च, 2026 तक होगा
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 को होगा
लखनऊ, 06 फरवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई हैं।
उत्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर, 2025 से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रारम्भ किया गया था। सबसे पहले 4 नवंबर, 2025 से गणना चरण प्रारम्भ हुआ और 6 जनवरी, 2026 को आलेख्य मतदाता सूची प्रकाशित हुई। 6 जनवरी, 2026 से 6 फरवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां जमा किये जाने हेतु एक महीने का समय रखा गया था, जिसमें मतदाता आवश्यकता अनुसार फॉर्म 6, 7 अथवा 8 भर कर जमा कर सकते थे।
27 अक्टूबर, 2025 से 6 जनवरी, 2026 तक प्रदेश में लगभग 16 लाख 18 हजार से अधिक फॉर्म 6 तथा 49 हजार 399 फॉर्म 7 प्राप्त हुए थे। वहीं 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक मतदाता सूची में नाम सम्मिलित किये जाने हेतु लगभग 37 लाख 80 हजार फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं तथा मतदाता सूची से नाम विलोपित किये जाने हेतु 82 हजार 684 फार्म 7 प्राप्त हुए हैं। ओवरसीज इलेक्टर्स हेतु 1073 आवेदन प्राप्त हुए हैं। 5 फरवरी, 2026 को एक ही दिन में 3 लाख 51 हजार 745 फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं, जो एक दिन में प्राप्त फार्म 6 की सर्वाधिक संख्या है। फार्म 6 प्राप्त होने की गति अभी भी बढ़ रही है और बड़ी संख्या में आलेख्य मतदाता सूची में सम्मिलित न हो पाने वाले पात्र नागरिकों द्वारा फार्म 6 भरकर जमा किये जा रहे हैं।
27 जनवरी, 2026 को राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई, बैठक में समस्त प्रतिनिधियों द्वारा दावा एवं आपत्ति तथा नोटिस सुनवाई अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसके क्रम में भारत निर्वाचन आयोग से उक्त गतिविधियों हेतु समय बढ़ाने हेतु अनुरोध किया गया था।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दावा एवं आपत्ति जमा किये जाने की अंतिम तिथि, जो पहले 6 फरवरी, 2026 थी, उसे बढ़ाकर 6 मार्च, 2026 कर दिया गया है। इसी प्रकार, नोटिस जारी करने और सुनवाई पूरी करने की अंतिम तिथि, जो पहले 27 फरवरी, 2026 थी, उसे बढ़ाकर 27 मार्च, 2026 कर दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची अब 10 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
आलेख्य मतदाता सूची में नाम सम्मिलित होने के बावजूद 1 करोड़ 4 लाख ऐसे मतदाता थे, जिनकी वर्ष 2003 की अतिंम मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई थी। इसके अलावा, 2 करोड़ 22 लाख ऐसे मतदाता थे, जिनकी मैपिंग में तार्किक विसंगतियां थीं। कुल मिलाकर, 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने थे। अब तक कुल 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जारी किये जा चुके हैंं, जिसमें से 86 लाख 27 हजार नोटिसें बीएलओ द्वारा मतदाताओं को उपलब्ध कराये जा चुके हैं। अबतक 30 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई भी की जा चुकी हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रारम्भ में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त थे। परन्तु अब 6948 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति के साथ कुल 8990 एईआरओ एवं 403 ईआरओ सहित कुल 9393 अधिकारियों द्वारा मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। नोटिस प्रक्रिया की सुनवाई को अधिक सुगम और त्वरित करने के उद्देश्य से शीघ्र ही और अधिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फॉर्म 7 के बारे में बताया कि यह किसी व्यक्ति का नाम हटाने या किसी के दावे पर आपत्ति करने के लिए भरा जाता है। आपत्तिकर्ता को फार्म 7 भरते समय अपना नाम, वोटर आईडी कार्ड नंबर, जिस व्यक्ति के विरूद्ध आपत्ति की जा रही है उसका नाम और आपत्ति का कारण बताना होता है। फॉर्म 7 को बड़ी संख्या में (बल्क में) स्वीकार नहीं किया जाता है। राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट फॉर्म 7 एक दिन में अधिकतम 10 जमा कर सकते हैं, साथ ही उन्हें अंडरटेकिंग भी देनी होगी। फॉर्म 7 प्राप्त होने पर, ईआरओ द्वारा आपत्तिकर्ता और जिस व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति की गई है, दोनों को नोटिस भेजा जाता है। नोटिस प्राप्त होने के बाद सुनवाई होती है, जिसमें साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं, और उसके बाद ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जाता है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पूरी जांच के नहीं काटा जाएगा। आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 से 4 फरवरी, 2026 तक बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से कुल 37 हजार 789 फार्म 6 तथा 1567 फॉर्म 7 प्राप्त हुए हैं।
सभी मतदाता आलेख्य मतदाता सूची को भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर देख सकते हैं। सभी राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी यह सूची दी गई है। मतदाताओं की सुविधा हेतु समस्त मतदान केन्द्रों पर मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित करने के निर्देश दिये गये हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रति कार्य दिवस पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे मध्याह्न तक मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध रहेंगे। बीएलओ के पास पिछले एसआईआर (वर्ष 2003) की अंतिम मतदाता सूची, दिनांक 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची के साथ ही अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृतक, दोहरी प्रविष्टि तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर न करने वाले मतदाताओं (एएसडीडीआर) की सूची भी उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बीएलओ के पास 50-50 की संख्या में फार्म 6, 7 एवं 8 तथा घोषणा पत्र की प्रतियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पात्र नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे अभी भी अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करा सकते हैं, खासकर महिलाएं और युवा। उनके द्वारा फॉर्म 6 भरते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी बरतने की सलाह दी गई जैसे, नाम की स्पेलिंग (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में) सही होनी चाहिए, आधार कार्ड से मेल खानी चाहिए, पता स्पष्ट और पूरा होना चहिए और मोबाइल नंबर भी अवश्य देना चाहिए ताकि मतदाता पहचान पत्र आसानी से डाउनलोड किया जा सके।
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