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Gorakhpur: भोजपुरी संगोष्ठी में संस्कृति, परंपरा आ समकाल पर गहन मंथन।

Gorakhpur: भोजपुरी संगोष्ठी में संस्कृति, परंपरा आ समकाल पर गहन मंथन।



गोरखपुर। भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया “भाई” के तत्वावधान में स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर, आर्य नगर में शनिचर के दिने आयोजित एक दिवसीय भोजपुरी संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न भइल। एह संगोष्ठी के अध्यक्षता दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पूनम टंडन कइलीं। अपना संबोधन में ऊ लोक कलन के बचावे आ संवर्धन पर खास जोर दिहलीं। उनकर कहनाम रहे कि मातृभाषा से प्रेम आ गौरव ही संस्कृति के असली ताकत ह।



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मॉरीशस के प्रसिद्ध लोकगायिका आ भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन के अध्यक्ष डॉ. वर्षारानी बिसेसर रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव मौजूद रहलें। डॉ. वर्षारानी बिसेसर कहलीं कि भारत आ मॉरीशस के सांस्कृतिक परंपराएं एके गो ह, हम सब एके लोक संस्कृति के वाहक बानी। हल्दी गीत गावत घरी उनकर भीतर के संवेदना जाग उठेला। साथे ऊ दुनो देशन के सांस्कृतिक रिश्तन के अउरी मजबूत करे के जरूरत बतइलीं। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव भोजपुरी के तेजी से आगे बढ़त भाषा बतावत कहलें कि भोजपुरी के भविष्य उज्ज्वल बा आ ई सही मायने में विश्व भाषा बन चुकल बा।



संगोष्ठी के पहिला सत्र में “भोजपुरी संस्कृति, परंपरा आ समकाल” विषय पर विचार-विमर्श भइल। मुख्य वक्ता नालंदा विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर आ पूर्व अध्यक्ष प्रो. रवीन्द्र नाथ श्रीवास्तव “परिचय दास” भोजपुरी संस्कृति के ऐतिहासिक विरासत आ समकालीन संदर्भ पर विस्तार से प्रकाश डाललें। ऊ कहलें कि भाषा के विकास ओकर प्रयोग से होला—बोले, लिखे आ रोजमर्रा के जीवन में अपनावे से ही भोजपुरी आगे बढ़ी। भोजपुरी साहित्य आ कला के विश्व स्तर पर खास पहचान बा, एकरा अकादमिक आधार अउरी मजबूत करे के जरूरत बा।

विशेष आमंत्रित वक्ता प्रो. दीपक त्यागी, प्रो. प्रभाकर सिंह आ श्रीमती वंदना श्रीवास्तव भी आपन विचार रख के संगोष्ठी के समृद्ध बनवलीं। प्रो. प्रभाकर सिंह भोजपुरी के प्रतिरोध के भाषा बतवलीं, प्रो. दीपक त्यागी एकरा जनभाषा कहलीं, जबकि वंदना श्रीवास्तव भोजपुरी कला के अद्वितीय बतावत अपना योगदान के मां खातिर श्रद्धा समर्पण कहलें।


एह अवसर पर भोजपुरी लोकसंस्कृति के संरक्षण आ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार में विशिष्ट योगदान खातिर डॉ. वर्षारानी बिसेसर के “मैनावती देवी लोक गायिका राष्ट्रीय सम्मान” से सम्मानित कइल गइल। सम्मान स्वरूप ₹11,000 के नगद राशि आ ट्रॉफी प्रदान कइल गइल।



संगोष्ठी के दूसरा सत्र में “गीत–गवनई” कार्यक्रम के तहत पूर्वांचल के विवाह संस्कारन के संगीतमय प्रस्तुति भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया “भाई” के कलाकारन द्वारा दीहल गइल, जवन दर्शकन से खूब तालियां बटोरल।


कार्यक्रम के संचालन शिवेन्द्र पांडेय कइलें आ संयोजन भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया “भाई” के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश श्रीवास्तव कइलें। ऊ सभे अतिथियन, वक्ताओं आ प्रतिभागियन के प्रति आभार व्यक्त कइलें। कार्यक्रम में पुष्प दंत जैन, डॉ. संजयन त्रिपाठी, हरि प्रसाद सिंह, श्री नारायण पांडेय, दिनेश गोरखपुरी, कीर्ति रमन दास, चन्द्रेश्वर शर्मा ‘परवाना’, शिवजी सिंह सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहलें। कार्यक्रम दुपहरिया 2:30 बजे से सायं 6 बजे तक चलल।


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