शुरू हो गईल ऑनलाइन लोकगीतन के कार्यशाला, विशिष्ट अतिथि प्रभाकर जौहरी जी कहनी -हर एक कलाकारन के जोड़ल संस्कृत विभाग के मुख्य उद्देश्य।
गोरखपुर 1 जुलाई : संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के मुख्य उद्देश्य बा कि उ प्रदेश के सभ कलाकारन तक आपन पहुँच बना सको। एह उद्देश्य से एह कार्यशाला के आयोजन कईल गईल बा। लोक संस्कृति के संरक्षित करे के जवन अभिनव प्रयोग राकेश श्रीवास्तव द्वारा कईल जा रहल बा ई अत्यंत ही प्रशंसनीय बा, हम संस्कृति विभाग के ओर से इनकरा के शुभकामना देतानी, ई बातें शारदा संगीतालय गोरखपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से लोकगीतन के ऑन लाइन कार्यशाला के वर्च्युअल उद्घाटन करत बतौर मुख्य अतिथि संस्कृति विभाग के उप निदेशक प्रभाकर जौहरी जी कहनी। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री कमलेश पाठक, कार्यक्रम अधिकारी जी कहनी कि प्रदेश सरकार कलाकारन के मंच देबेके दिशा में तमाम कार्य कर रहल बिया। एह कड़ी में ई कार्यशाला निश्चित रूप से बहुत ही उपयोगी सिद्ध होई।
प्रशिक्षक राकेश श्रीवास्तव बतावले कि ई वर्कशॉप में 82 महिला/पुरुषों पंजीकरण करावले। आज देवी गीत,आ जाना हमारे द्वार मइया आ जाना ...... से कार्यक्रम के शुभारंभ भइल, ढोलक पर संगत मो शकील कइले। 1 जुलाई से 10 जुलाई तक चले वाला एह कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, बिहार ,दिल्ली सहित थाईलैंड, साउथ अफ्रीका अउरी त्रिनिदाद से कुल 85 प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण ले रहल बाड़े।
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बहुत ज्ञानवर्धक रहा आज के दिन
ReplyDeleteगुरू जी ने माता सरस्वती वंदना को बहुत सरल और सुमधुर ढंग से शिष्यों को सिखाया।